ईश्वर ने हमें जन्म दिया । वह हमारा पिता है। जब हम तकलीफों को झेल रहे होते हैं तब हम अपने अविश्वास के कारण अपने आप को उसके सुरक्षित हाथों में पूरी तरह समर्पित नहीं कर पाते।
जब एक बच्चा अपने बोझ को नहीं उठा पाता तो वह अपने बोझ को अपने पिता के कंधों पर दे देता है। इस विश्वास के साथ की उसका पिता उसके बोझ को उठाने में सक्षम है। वह अपने पिता पर संदेह नहीं करता। क्योंकि पिता जानता है की हम कितने  बोझ को उठाने के लायक हैं। वह हमे बोझ तब तक उठाने देता है जब तक की हम अपने बोझ को उठाने में स्वयं सक्षम हैं। और जब हम उसे अपने बोझ की गठरी देते हैं तो वह उसे उठाता है और हमें कभी हारने नहीं देता।
ईश्वर पर एक बालक के मन के साथ विश्वास करें, वह एक पिता की तरह आपको संभालेगा।
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