मैं रब हूँ

ना मंदिर में बैठा, ना मस्ज़िद में मैं हूँ। गुरूद्वारे की चौकठ, ना गिरजे में तय हूँ। मैं रब हूँ मैं रब हूँ। ना हिन्दू ने देखा, ना मुसलमाँ ने जाना। ना सिक्खों ने माना, ना ईसाई ने पहचाना। है इंसां का चर्चा, जहाँ पर भी होता, तेरे दिल की धड़कन, और साँसों में मैं […]

दास्तान क्या सुनाऊँ

भीड़ में भागती इस दुनिया का किस्सा क्या सुनाऊँ, कुछ चेहरे हैं खामोश से उनकी दास्तान क्या सुनाऊँ। ज़िन्दगी की रफ़्तार में एक अपनी ही रवानी है, रंगमंच के पीछे एक अलग ही कहानी है। मुकम्मल इश्क़ की सब मिसालें बहुत देते हैं, दरिया और बारिश ने राज़ संभाले बहुत हैं। “फिर कभी” कहकर बारिश […]

होली: रंग भारत के पहचान के

हमारा देश भारत त्योहारों, रिवाजों और अनेकता में एकता का देश है| हम होली, दिवाली, ईद, क्रिसमस और गुरु पर्व एक साथ मनाते हैं| हर एक त्यौहार के अपने अलग महत्त्व है, दिवाली दीयों का,तो ईद अकीदत का| हिन्दू और मुसलमान सैकड़ों वर्षों से एक साथ रहते आ रहे हैं| ईश्वर को चाहे हम अलग […]