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लकीरें

अरसे बीत गए खेतों के मेडों पर दौड़ लगाये हुए, कटी पतंगों के पीछे सरहदों को लांघा था हमने। मेरे बेबाक बंजारेपन को जाने किसकी नजर लग गयी, ऐ खुदा ! तेरे इस जहाँ में ये लकीरें क्यों खीच गयीं? तब सेवईयां भी हमारी थीं और लड्डू भी हमारे थे, …

“देखो बाबू आपने देखी है ये सिनेमा?”12

एक सवाल..   “देखो बाबू सिनेमा है, आपने ये सिनेमा देखी है?” बड़े उत्साह से भरी हुई चमकती हुई आँखों के साथ, चेहरे पर एक बच्चे की सी मुस्कान लिए हुए उस भीख माँगने वाली बूढ़ी औरत ने मुझसे पूछा| उस एक सवाल ने मेरे अंदर सवालों का जैसे एक …

सवाल और जीवन: एक अटूट सम्बन्ध

सवाल “सवाल”.. यह सिर्फ एक शब्द नहीं है, बल्कि अपने आप में पूरी दुनिया को समेटे हुए है| सवाल का अस्तित्व सिर्फ जवाब पर जाकर खत्म नहीं होता, लेकिन यह तो वह बिंदु है जिसके इर्द गिर्द पूरी दुनिया घूमती है| यह जीवन के हर एक बिंदु को समेटे हुए …

महादेव : तूने मुझे बनाया है, तू ही मुझे संभालेगा|

मैं नहीं जानता… हे मेरे महादेव! मुझे कुछ नहीं पता की मैं कहाँ जा रहा हूँ, मेरी आँखें मेरे आगे के रास्तों को भी नहीं देख पा रहीं| मैं नहीं जान सकता की यह कहाँ पर जाकर खत्म होगा| मैं स्वयं को भी नहीं जान सका, और यह एक तथ्य …

अत्याचारी शेर और चालाक रैंचो

एक बार की बात है किसी जंगल में एक शेर रहता था| जो की जंगल के मासूम जानवरों पर बहुत अत्याचार किया करता था| वह बिना वजह उन्हें मारता था, तथा उसने उनके जलाशय के पास जाने पर भी शर्त रखी थी| शेर की शर्त   उसने कहा की “हर …

आशा की लौ को अपने अंदर जीवित रखें..

मनुष्य भोजन, पानी और हवा के बिना तो जिन्दा बचे रह सकता है, परन्तु आशा के बिना एक पल भी नहीं| मानव की आशा उसे जीवित रखती है| दुःख नकारात्मकता का जन्मदाता संघर्ष,उदासी, पराजय और घृणा हमारे जीवन में नकारात्मकता को जन्म देती हैं, और हम सकारात्मक चीजों के बारे …

हम तो भूखे हैं, हमें धर्म समझ नहीं आता…

“क्या हिन्दू? क्या मुस्लिम? क्या सिख? क्या इसाई? हम भूखे हैं साहिब हमें धर्म समझ नहीं आता|” ये बातें मुझसे एक बूढ़े भिखारी ने कही जब मैंने उससे पूछा की वह हिन्दू है या मुस्लमान? इतने दिनों बाद भी मुझे उसकी आँखों में छिपा वह सवाल याद है जो उसकी …

विश्वास रखें ईश्वर हमारा बोझ उठाता है।

ईश्वर ने हमें जन्म दिया । वह हमारा पिता है। जब हम तकलीफों को झेल रहे होते हैं तब हम अपने अविश्वास के कारण अपने आप को उसके सुरक्षित हाथों में पूरी तरह समर्पित नहीं कर पाते। जब एक बच्चा अपने बोझ को नहीं उठा पाता तो वह अपने बोझ …